रांची, मई 2 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के एक कर्मचारी की अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि अगर कोई कर्मचारी पूरी तरह दोषमुक्त नहीं होता है, तो उसे निलंबन अवधि का पूरा वेतन पाने का अधिकार नहीं है। अदालत ने विभाग द्वारा निलंबन अवधि को नॉन-ड्यूटी मानने के फैसले को सही ठहराया। यह भी पढ़ें- अपर समाहर्ताओं की पदोन्नति पर सरकार को पुनर्विचार करने का निर्देशनिलंबन और विभागीय जांच डीवीसी में सहायक ऑपरेटर (इलेक्ट्रिकल) के पद पर कार्यरत गजेंद्र प्रसाद को वर्ष 2002 में एक आपराधिक मामले के कारण निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई, जिसमें शादी की जानकारी नहीं देने और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने जैसे आरोप लगाए गए। जांच के बाद कर्मचारी कुछ आरोपों में दोषी पाए गए और 2009 ...