बगहा, मई 16 -- पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमत से किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। खेती में लागत बढ़ने से किसानों को घाटा उठाने की चिंता अभी से सताने लगी है। किसान नंदकिशोर कुशवाहा, बृजेश कुशवाहा, सत्येंद्र महतो ने बताया कि मौसम की बेरुखी से खेती की लागत बढ़ गई है। ऐसे में डीजल के दाम बढ़ने से खरीफ फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सिंचाई खर्च बढ़ जाएगी। गृह निर्माण में उपयोग होने वाले सामानों के दाम बढ़ने से घर बनाना भी अब महंगा पड़ेगा। बालू के साथ-साथ ईंट का दाम भी आसमान छूने लगा है। युद्ध की स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी किसानों के साथ-साथ मजदूरों को हो रही है। यह भी पढ़ें- जेब पर ईंधन की चोट, सफर से खेती तक बढ़ी मुश्किलें भागेलु राम, सोहन बैठा ने कहा कि अगर युद्ध लंबा खींचा तो बेरोजगारी बढ़ेगी। मजदूर स्वदेश लौटने लगेंगे। अनाजों का ढु...