बिजनौर, मई 22 -- महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत गांवों में सरकारी राशन वितरण के लिए बनाए गए पक्के अन्नापूर्णा भवन कई स्थानों पर उपयोग से बाहर पड़े हैं। जलीलपुर ब्लॉक के गांव स्याऊ में स्थित सरकारी राशन की दुकान करीब सात माह से बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए भवन का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अन्नापूर्णा भवनों का निर्माण कराया गया था। लेकिन जलीलपुर ब्लॉक के गांव स्याऊ में बना अन्नापूर्णा भवन अब केवल शोपीस बनकर रह गया है। यह भी पढ़ें- अनियमितता पर राशन डीलर की दुकान सस्पेंड यहां संचालित होने वाली सरकारी राशन की दुकान पिछले करीब सात माह से ...