रांची, जून 19 -- रांची, संवाददाता। मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल हृदय आश्रम से बच्चों की कथित खरीद-फरोख्त के बहुचर्चित मामले में अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने सिस्टर कांसिलिया बाखला और अनिमा इंदवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। वर्ष 2018 में सामने आए इस मामले ने राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सुर्खियां बटोरी थी। 25 फरवरी 2019 को आरोप तय होने के बाद अन्य गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन अभियोजन पक्ष छह साल के लंबे समय के बावजूद गवाहों को पेश नहीं कर सका। इस पर अदालत ने अभियोजन साक्ष्य बंद कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों का बयान दर्ज किया और फैसला सुनाया गया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की तत्कालीन अध्यक्ष रूपा कुमारी की शिकायत पर एएचटीयू थाना का...