नई दिल्ली, मई 26 -- Nirjala ekadashi 2026 Date and Time: हिंदू धर्म में यूं तो हर एक एकादशी तिथि का महत्व है लेकिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी तिथि खास मानी गई है। निर्जला एकादशी का व्रत बिना किसी भी तरह के भोजन और पानी के बिना किया जाता है। इस कारण इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। निर्जला एकादशी को पाण्डव एकादशी या भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जानते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार पाण्डवों में दूसरा भाई भीमसेन खाने-पीने का अत्यधिक शौकीन था। वह अपनी भूख नियंत्रित करने में असफल था, यही वजह थी कि वह एकादशी व्रत के नियमों का पालन नहीं कर पाता था। भीम के अलावा सभी पाण्डव भाई और द्रौपदी साल के सभी एकादशी व्रत करते थे। तब महर्षि व्यास ने भीमसेन को एक बार निर्जला एकादशी करने की सलाह दी थी और कहा कि निर्जला एकादशी व्रत सभी 24 एकादशी व्...