गिरडीह, जून 26 -- सरिया।निर्जला एकादशी पर गुरुवार की सुबह से देर रात तक हजारों महिला श्रद्धालुओं ने पवित्र उत्तरवाहिनी राजदाह धाम नदी में भक्ति की डुबकी लगाई। सनातन धर्मावलंबियों के लिए सबसे कठिन और पुण्य व्रत में से एक है निर्जला एकादशी जिसे भीमसैनी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बिना अन्न और जल के 24 घंटे उपवास रखकर भगवान श्री विष्णु जी की पूजा की जाती है। इस व्रत की शुरुआत 24 जून बुधवार को नहाए खाय के साथ शुरू हुई जबकि 25 जून गुरुवार को निर्जल उपवास में रहकर श्रद्धालु इस व्रत को पूरा किया।शुक्रवार को सूर्योदय के पश्चात पारण होगा। यह भी पढ़ें- निर्जला एकादशी पर शक्ति मंदिर कमेटी ने बांटा शरबत इसके पूर्व जल से भरा घड़ा, हाथ का पंखा और अन्न का दान अत्यंत फलदायी माना गया है। बताते चलें कि सरिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पवि...