रुडकी, जून 25 -- रुड़की, संवाददाता। निर्जला एकादशी पर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं ने निर्जल व्रत रखकर भगवान विष्णु से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही दान-पुण्य किया। इस अवसर पर महाराज ओमजी वैदिक ने कहा कि निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशियों में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु वर्षभर की एकादशियों का व्रत नहीं कर पाते, वे श्रद्धापूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत करके सभी एकादशियों के पुण्य फल की प्राप्ति कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्रत केवल उपवास नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सेवा और भगवान के प्रति समर्पण का पर्व है। यह भी पढ़ें- निर्जला एकादशी 2026: व्रत का पारण करने से पहले करें ये 3 काम, जानें शुभ समय, विधि यह भी पढ़ें- Vishnu ji ki Aarti: 'ऊं जय जगदीश हरे.', आज निर्जला एकादशी पर ...