चतरा, जून 27 -- इटखोरी, प्रतिनिधि। निर्जला एकादशी के मौके पर भद्रकाली मंदिर इटखोरी में पूजा-अर्चना करनेवाली महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मौके पर माता के मुख्य मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अन्य देवालय में भी पूजा अर्चना की। इधर निर्जला एकादशी करने वाली बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुवार शाम को ही माता के दरबार पहुंचकर दर्शन के बाद रात में मंदिर परिसर में ही रुककर सुबह नदी में स्नान दान के बाद पूजा कर घर लौटे। निर्जला एकादशी के महत्व को भद्रकाली मंदिर के पुजारी विवेक तिवारी ने कहा कि हिंदू सनातन धर्म में व्रत पूजन का विशेष महत्व है। इसमें एकादशी की खास मान्यता है। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी कहा जाता है, भीम ने एक मात्र इसी उपवास को रखा था और मूर्छित हो गए थे। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है, कहते हैं ...