बुलंदशहर, जून 26 -- स्याना तहसील में तैनात तहसीलदार मनोज कुमार रावत पर बिना अधिकार और नियमों के विपरीत भूमि के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करने का आरोप है। इस मामले में राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में लंबे समय तक विभागीय कार्रवाई नहीं होने पर परिषद ने सीधे डीएम को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है।

जांच की रिपोर्ट डीएम कुमार हर्ष ने बताया कि इस मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व की जांच में तहसीलदार की गलती पाई गई थी। इसकी रिपोर्ट राजस्व परिषद को रिपोर्ट भेज दी गई है। बताया गया है कि तहसीलदार मनोज कुमार रावत पर बुलंदशहर सदर तहसील में तैनाती के दौरान नियमों के विरुद्ध भूमि का दाखिल-खारिज करने का आरोप है। पीड़िता कान्ती पत्नी चंद्रपाल निवासी ग्राम वलीपुरा, तहसील सदर ने तत्कालीन डीएम से इसकी शिकायत की थी। डीएम ने शिकायत म...