कटिहार, अप्रैल 20 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि जिले के निजी विद्यालय अब मनमाने तरीके से फीस वृद्धि नहीं कर सकेंगे। पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में कोई भी निजी स्कूल अधिकतम सात प्रतिशत तक ही शुल्क बढ़ा सकता है। इससे अधिक फीस बढ़ाने के लिए स्कूल प्रबंधन को कम से कम छह माह पहले शुल्क नियामक समिति के समक्ष विस्तृत प्रस्ताव देना होगा और स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।यह निर्देश समग्र शिक्षा के डीपीओ पंकज कुमार ने जारी किया है। डीपीओ ने बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने, अभिभावकों को राहत देने और शुल्क प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कानून लागू किया है।उन्होंने यह भी पढ़ें- निजी स्कूल मनमानी ढंग से नहीं बढ़...