नई दिल्ली, फरवरी 16 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। निजी वाहनों को टैक्सी के तौर पर संचालित किए जाने, अवैध ई-रिक्शा पर कार्रवाई न किए जाने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर दिल्ली के ऑटो-टैक्सी चालक सड़कों पर उतरेंगे। ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन समेत 12 संगठनों ने 23 फरवरी को परिवहन विभाग के मुख्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी है। इन संगठनों ने सोमवार को उपराज्यपाल को ज्ञापन देकर धरने की अनुमति मांगी है। ऑटो-टैक्सी यूनियनों का आरोप है कि दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की गलत नीतियों की वजह से दिल्ली के ऑटो-टैक्सी चालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने लगा है। दिल्ली-एनसीआर में प्राइवेट वाहन टैक्सी के रूप में संचालित हो रहे हैं, इससे चालकों का रोजगार खत्म हो रहा है। लोन पर वाहन लेकर टैक्सी चलाने वाले लोग बैंक की किस्त भी नहीं ...