देवघर, मार्च 22 -- मधुपुर, प्रतिनिधि। निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर कानूनी रोक है। इसके बाद भी अनुमंडल क्षेत्र में निजी वाहनों का व्यावसायिक वाहनों के रूप में बेरोक-टोक उपयोग हो रहा है। जबकि ऐसा करने वालों पर आर्थिक जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। वाहन मालिकों ने इन वाहनों का वन टाइम टैक्स जमा किया है। अनुमंडल में ऐसे वाहनों से टैक्स की चोरी छिपाकर नहीं बल्कि शहर के प्रमुख सड़क पर स्थित बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के आसपास देखा जा सकता है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार टैक्सी परमिट के लिए नये वाहन को दो वर्ष बाद प्रत्येक वर्ष फिटनेस प्रमाण पत्र देना होता है। साथ ही कॉमर्शियल वाहन को प्रतिवर्ष 700 रुपए टैक्स भी जमा करने का प्रावधान है, लेकिन ऐसा होने से सरकार को प्रत्येक वर्ष लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है। वा...