सोनभद्र, अगस्त 8 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति विद्युत वितरण का कार्य कर रही निजी कंपनियों का भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से व्यापक एवं स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है।

समिति की चिंताएँ संघर्ष समिति ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने से पहले सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पिछले 16 वर्षों से आगरा में चल रही निजी फ्रेंचाइजी व्यवस्था से उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन और प्रदेश के उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिला है।

बिजली दरों का मुद्दा कहा कि आगरा फ्रेंचाइजी में बिजली खरीद और बिक्री की दरों में वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने लगभग 2400 मिलियन यूनिट बिजली Rs.4.55 प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई, जबकि उसी अवधि में पावर कॉरपोरेशन की औसत बिजली खरीद ल...