लखनऊ, फरवरी 23 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा है कि बिजली कर्मियों को पूर्व से मिल रही रियायती बिजली सुविधा समाप्त करने तथा बिजली व्यवस्था के निजीकरण की तैयारी के तहत उनके आवासों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। संघर्ष समिति ने इसे मुख्यमंत्री के साथ हुए लिखित समझौते तथा उप्र पावर सेक्टर रिफॉर्म एक्ट का खुला उल्लंघन बताया है। इस कार्यवाही से प्रदेशभर के बिजली कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है। संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को प्रदेश के सभी जनपदों में बिजली कर्मियों ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आवासों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर विरोध दर्ज कराया। संघर्ष समिति ने बताया कि 25 जनवरी 2000 को तत्कालीन मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्त के स...