मेरठ, दिसम्बर 27 -- निजीकरण के विरोध में चल रहे लगातार आंदोलन के तहत शुक्रवार को 394वें दिन बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निजीकरण का अभी कोई निर्णय नहीं तो निजीकरण की कार्यवाही तत्काल निरस्त की जाये। निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त कर कार्य का स्वस्थ वातावरण बनाया जाये। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 25 नवंबर 2024 को पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल के निजीकरण का एकतरफा ऐलान कर ऊर्जा निगमों में अनावश्यक तौर पर औद्योगिक अशांति का वातावरण बना दिया, जिसके चलते बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता विगत 13 माह से लगातार आंदोलनरत हैं। संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा मंत्री के अनुसार निजीकरण का अभी निर्णय ही नहीं है, तो निजीकरण की सारी प्रक्रिया तत्काल ...