हमीरपुर, नवम्बर 12 -- हमीरपुर, संवाददाता। रखरखाव के अभाव में तीसरी नजर कमजोर हुई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगाए गए कैमरे जवाब दे चुके हैं। अब सारा दारोमदार प्राइवेट कैमरों के ऊपर है। वारदात होने की स्थिति में पुलिस इन्हीं कमरों के फुटेज खंगालती है। ट्रैफिक पुलिस के भी कैमरे बंदी की ओर है। मौदहा में लगाए गए कैमरों की निगरानी हमीरपुर ट्रैफिक कार्यालय से होती है, मगर वहां लगे सभी कैमरे बंद पड़े हैं। रागौल रेलवे स्टेशन में भी कैमरों के नाम पर कुछ नहीं है। नगर पालिका के कैमरे भी खराब पड़े हैं। कभी शहर में कैमरे लगाकर कोतवाली में बनाया गया कंट्रोल रूम भी बंदी की मार झेल रहा है। किसी भी कैमरे से शहर को कवर नहीं किया जा रहा है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी खराब पड़ा हुआ है। नगर पालिका के कैमरे भी बन गए शो पीस शहर के बस स्टैं...
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