सहारनपुर, अप्रैल 8 -- जमीयत दावतुल मुस्लीमीन के संरक्षक कारी इस्हाक गोरा ने भारतीय मुस्लिमों में पाकिस्तानी कल्चर की बढ़ती नकल को समाज के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस्लाम मजहब में निकाह सादा, आसान और बरकत वाला अमल है लेकिन आज हमने इसे दिखावे, फिजूलखर्ची और गैर जरुरी रस्मों का बोझ बना दिया है। बुधवार को मीडिया में जारी बयान में कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि आज हम सोशल मीडिया में दिखाई जाने वाली पाकिस्तानी शादियों की चमक-दमक से प्रभावित होकर उसी रास्तें पर चल पड़े हैं। जबकि इस तरह की रस्मों का इस्लाम मजहब से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने इसका कारण इस्लामी शिक्षा से दूरी होना बताते हुए कहा कि शादियों को आसान और सादा बनाने के बजाए स्टेट्स सिंबल बनाया जा रहा है। कहा कि पाकिस्तानी शादी कल्चर की अंधी नकल सरासर नाकाबिल-...
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