गाजीपुर, जनवरी 31 -- गाजीपुर। आनंद मार्ग आश्रम लाल दरवाजा में शनिवार को आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें आनंद मार्ग के वरिष्ठ आचार्य मेघदीपानंद अवधूत ने साधना पर प्रकाश डालते हुए साधना मार्ग के तीन विशेष स्तरों या कर्म की बात कही। उन्होंने कहा कि तीनों स्तर हैं शाक्त, वैष्णव और शैव। तीनों का परमार्थिक मूल्य समान है। किसी एक को संपूर्ण रूप से छांटकर यदि कोई आनंद मार्ग को जानना या समझना चाहिए तो उसमें वह सक्षम नहीं होगा। शाक्त साधना में ही जैव भाव, शैव भाव के पथ पर पदयात्रा शुरू करता है। इस पदयात्रा में पथिक की अग्रगति मूलत: प्रत्याहार योग में सिद्ध होता है। प्रत्याहार योग के माध्यम से सड़क जगत सेवा शुरू करता है। वैष्णव स्तर में नि:स्वार्थ भक्ति का उदय होता है। शैव स्तर ज्ञान स्वरूत्व का भाव है। इस दौरान आचार...