नई दिल्ली, मार्च 5 -- स्कूल बच्चों की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा होता है। यहीं से उनकी पढ़ाई, सोच और आत्मविश्वास की शुरुआत होती है। हर देश का स्कूल सिस्टम अलग होता है और उसी के अनुसार बच्चों का अनुभव भी बदल जाता है। न्यूजीलैंड में रहने वाली एक मॉम डॉली ने वहां के स्कूली जीवन के बारे में अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है, जो काफी इंट्रेस्टिंग हैं। उनकी बातों से समझ आता है कि भारत और न्यूजीलैंड के स्कूलों में पढ़ाई का तरीका, माहौल और बच्चों के साथ व्यवहार कई मामलों में अलग है। आइए जानते हैं भारत और न्यूजीलैंड के एजुकेशन सिस्टम में क्या खास अंतर है।स्कूल बैग और पढ़ाई का तरीका न्यूजीलैंड में रहने वाली डॉली बताती हैं कि इंडिया में अक्सर बच्चों का बैग कॉपी और किताबों से भरा होता है। उन्हें रोज किताबें घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जानी पड़ती हैं। वह...