नई दिल्ली, मई 12 -- कोरोना महामारी ने दुनिया को यह सिखा दिया है कि किसी भी अनजान वायरस को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इन दिनों अंटार्कटिका जा रहे एक क्रूज शिप पर हुई कुछ रहस्यमयी मौतों के बाद 'हंता वायरस' (Hantavirus) अचानक सुर्खियों में आ गया है। यूं तो मेडिकल साइंस पिछले 70 सालों से इस वायरस के बारे में जानता है, लेकिन इसका एक खास म्यूटेशन वैज्ञानिकों के लिए गहरी चिंता का सबब बन गया है। इसे 'एंडीज स्ट्रेन' (Andes Strain) कहा जाता है। चिंता की वजह बेहद डरावनी है: इस वायरस का डेथ रेट यानी मृत्यु दर 50 फीसदी तक है और आज तक इसकी कोई वैक्सीन या इलाज मौजूद नहीं है।क्रूज शिप की घटना: क्या है पूरा मामला? 1 अप्रैल 2026- अर्जेंटीना के उशुआया शहर से एक आलीशान क्रूज जहाज अंटार्कटिका के एक सुहाने सफर पर निकलता है। इस 'घोस्ट शिप' पर 23 देशों के लगभग...