वाराणसी, फरवरी 17 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। गंगा में संचालित नावों और बजड़ों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाएगी। इस एसओपी में नावों और बजड़ों के पंजीकरण, शुल्क निर्धारण, संचालन, रूट सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं का विस्तृत उल्लेख होगा। यानी वाहनों की तरह ही नावों पर भी नंबर प्लेट लगाई जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से नामित इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) ने सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। यह सर्वे भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के मैरिटाइम बोर्ड की तर्ज पर किया जा रहा है। अब तक नावों और बजड़ों का पंजीकरण नगर निगम में होता रहा है। निगम के अभिलेखों के अनुसार 1187 छोटी-बड़ी नावें पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 750 सीएनजी चालित और 437 डीजल संचालित नावें शामिल हैं। हालांकि प...