गोरखपुर, जून 8 -- गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। महानगर में प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बावजूद इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से जारी है। नालों में फंसा प्लास्टिक वेस्ट और कूड़े में बड़ी मात्रा में मिल रही पॉलीथिन प्रतिबंध की हकीकत बयां कर रही है। इससे न केवल नालों की जल निकासी प्रभावित हो रही है, बल्कि पर्यावरण और सीवेज व्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- मलबे से पटा मिला डोमिनगढ़ नाला, सफाई होते ही एक मीटर तक घटा जलस्तर महानगर में पॉलीथिन का प्रभाव महानगर में 20 माइक्रोन से कम मोटाई की पॉलीथिन पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। नगर निगम के प्रमुख नालों से लेकर खाली प्लाट एवं सड़कों पर हर जगह पॉलीथिन और प्लास्टिक वेस्ट बड़ी मात्रा में नजर आ रहा है। रविवार को नरसिंहपुर से सूरजकुंड तक कई प्रमुख नालों ...