बांका, मार्च 28 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। शहर की जीवनरेखा में से एक माने जाने वाले जमुआ जोर आज गंभीर प्रदूषण और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। कभी सिंचाई और जलनिकासी का प्रमुख स्रोत रहा यह जोर अब शहर में प्रवेश करते ही नाले में तब्दील होता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग दुर्गन्ध और गंदगी से परेशान हैं। ज्ञात हो कि, जमुआ जोर शहर का एकमात्र जलनिकासी मार्ग है, जो जगतपुर, अलीगंज, मलिकटोला और करहरिया क्षेत्रों से होकर बहता हुआ अंततः चान्दन नदी में मिल जाता है। इसका उद्गम ओढ़नी जलाशय से होता है और ककवारा तथा जमुआ पंचायत होते हुए यह शहर तक पहुंचता है। वैसे तो ग्रामीण इलाकों में यह जल स्रोत किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन शहर में प्रवेश करते ही इसकी स्थिति बदतर हो जाती है। चूंकि शहर के भीतर प्रवेश करते ही जमुआ जोर में भारी मात्...