बिहारशरीफ, अप्रैल 29 -- नालंदा खंडहर हमारी गौरवशाली इतिहास की बेमिसाल धरोहर है। यह विश्व धरोहर खंडहर हमें कई संदेश दे रही है। विकसित भारत निर्माण के लिए शिक्षा में मेडिटेशन और डिजिटल बैलेंस का समावेश जरूरी है।

आशा दीदी का नालंदा खंडहर का अवलोकन राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी आशा दीदी ने बुधवार को नालंदा खंडहर के परिभ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों से कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेषों को देखना विद्यार्थी काल से ही मेरी अभिलाषा थी। आज अपनी संस्कृति की इस अनमोल विश्व धरोहर की धरा पर कदम रखकर मैं गौरवान्वित हूं। यह खंडहर हमारी गौरवशाली संस्कृति और उस समृद्ध शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं, जहां ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिकता का पाठ भी पढ़ाया जाता था।

शिक्षा प्रणाली में ध्यान का समावेश दिल्ली-गुरुग्राम स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिक...