कार्यालय संवाददाता, अप्रैल 1 -- Nalanda Stampede: नालंदा जिले के मघड़ा में स्थापित अतिप्राचीन सिद्धपीठ मां शीतला मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं के लिए देशभर में विख्यात है। यहां दिन के उजाले में माता के सामने दीपक जलाना या हवन करना पूरी तरह वर्जित है। मान्यता है कि माता को दिन में शीतलता (ठंडक) चाहिए होती है। इसलिए सूर्य अस्त होने के बाद ही यहां आरती और धूप-दीप की रस्म निभाई जाती है। ज्योतिष के जानकार पं. मोहन कुमार दत्त मिश्र बताते हैं कि पुराणों में वर्णन है कि दिन के समय मां शीतला के शरीर में तीव्र जलन रहती है। इसी जलन को शांत करने के लिए माता को हर दिन सुबह दही और चीनी से स्नान कराया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में काले पत्थर से निर्मित 12 इंच ऊंची मां शीतला की अलौकिक प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा के मुकुट पर नौ रेखाएं उकेरी गई हैं, जो नौ देविय...