नवादा, मार्च 8 -- नवादा। ​राजेश मंझवेकर नवादा जिले के पहाड़ी इलाकों से लेकर खेत-खलिहानों और ग्रामीण व कस्बाई इलाके समेत उप-नगरीय व नगरीय समृद्ध क्षेत्र तक, आज महिलाएं केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं। बिहार सरकार की महिला सशक्तीकरण की नीतियों ने यहां की बेटियों को स्कूल से लेकर स्वरोजगार तक का एक नया आसमान दिया है। आर्थिक आजादी के लिए वह अपने पर खोल चुकी हैं। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी और लखपति दीदी नित नए प्रतिमान गढ़ रही हैं। योजना का कमाल है कि नवादा की महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह पर धड़ल्ले से चल चुकी हैं। सबसे बड़ी क्रांति मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना और जीविका के माध्यम से आई है। महिलाओं की समृद्धि की राह इतनी साजगार बन चुकी है कि कई घरों में वह पुरुषों का हाथ बंटा रही हैं। महिलाएं अब घर में खुशहाली लाने का वाहक...