धनबाद, अप्रैल 22 -- सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जैन ने महिला आरक्षण को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का सभी समर्थन करते हैं, लेकिन इसे देश पर आर्थिक बोझ बनाकर लागू करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि महिला आरक्षण को वर्तमान 543 सांसदों की संख्या के भीतर ही सीमित रखा जाए। नए सांसदों की संख्या बढ़ाकर जनता की गाढ़ी कमाई और अरबों रुपये खर्च करने के बजाय, उस धन का उपयोग बदहाल शिक्षा, युवाओं के रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर होना चाहिए। देश पर बढ़ते कर्ज के बीच सादगी और नैतिकता के साथ निर्णय लेना ही असली सशक्तिकरण होगा।

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