नारी उत्कर्ष और संवेदनाओं के जागृत होने से आएगा श्रेष्ठ युग
चित्रकूट, सितम्बर 27 -- चित्रकूट, संवाददाता। धर्मनगरी चित्रकूट स्थित गायत्री शक्तिपीठ में नारी उत्कर्ष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। शक्तिपीठ के संचालक डा रामनारायण त्रिपाठी ने कहा कि नारी सृष्टि है। जबकि पुरुष उसकी रचना है। नारी कला है तो पुरुष उसकी कलाकृति है। नारी उत्कर्ष और संवेदनाओं का जागरण होने से नवयुग या श्रेष्ठ युग का आगमन संभव होगा।
कार्यशाला के प्रमुख वक्ता जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि राजा राममोहन राय के बाद आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने ही नारी की दशा और दिशा बदलने के लिए गायत्री परिवार के रूप में आंदोलन चलाया। जिसका प्रभाव अब समाज में दिखने लगा है। शांतिकुंज की प्रतिनिधि रश्मि जायसवाल ने कहा कि ज़ब देवत्व भी असुरता के आगे नतमस्तक हो जाता है तो नारी ही दुर्गा बनकर कमान संभालती है और असुरता को दंड दे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.