बाराबंकी, मार्च 8 -- निन्दूरा। क्षेत्र के बेहड़ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा व राम कथा की अमृत वर्षा शिव परिवार व शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा के चौथे दिन रविवार को कथा परिसर में कथा व्यास द्वारिका नंद जी महाराज ने नारद मोह की कथा सुनाई। नारद मोह की कथा भगवान विष्णु द्वारा अपने परम भक्त नारद मुनि का अभिमान तोड़ने की लीला है। कामदेव पर विजय पाने के बाद नारद जी को घमंड हो गया था। भगवान ने माया से रची विश्व मोहिनी के स्वयंवर में नारद जी को बंदर का मुख देकर उनका मोह भंग किया, जिससे कुपित होकर नारद जी ने विष्णु जी को मनुष्य अवतार लेने का श्राप दिया। तपस्या के बल पर कामदेव को हराने के बाद नारद जी को यह अभिमान हो गया कि वे काम को जीत चुके हैं। विष्णु जी ने नारद जी का कल्याण करने के लिए अपनी माया से एक सुंदर राजकुमारी 'विश्व मोहिनी' रची रूपहीन हो...