आगरा, मई 29 -- तीर्थ नगरी में हरिपदी किनारे वराह मंदिर में चल रही श्री रामकथा के चौथे दिन कथा व्यास पंडित चाकर जी महाराज ने श्रोताओं को श्री राम जन्म व नारद मोह की कथा सुनाई। श्री रामकथा में मौजूद श्रोता रामन्जम व नारद मोह की कथा सुनके भाव विभोर हो गए। शुक्रवार को कथा व्यास चाकर जी महाराज ने नारद मोह का वर्णन करते हुए कहा कि जब व्यक्त के अंदर अहंकार आ जाता है तो भगवान उसका अहंकार तोड़ने के लिए अपनी माया का चक्र चलाते हैं। अहंकार बड़े से बड़े ज्ञानी और तपस्वी का भी विवेक हर लेता है। इसलिए व्यक्ति को अपनी उपलब्धियां पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए।श्री चाकर जी महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्म के अलौकिक छड़ का वर्णन करते हुए कहा जैसे ही प्रभु का अवतार हुआ पूरी अयोध्या नगरी आनंद के सागर में डूब गई। आकाश से देवताओं ने पुष्प वर्ष...