नाम में अक्षरों के हेरफेर से अटका 23 हजार परिवारों का न्याय
भागलपुर, सितम्बर 6 -- भागलपुर से केके गौरव की रिपोर्ट। सरकारी कागजातों, अदालती दस्तावेजों और राजस्व फाइलों में नाम या उपनाम में स्पेलिंग की मामूली चूक हजारों परिवारों के लिए पिछले कई सालों से मुसीबत बन गई है। नाम में महज एक अक्षर या मात्रा के अंतर के कारण राज्य में करीब 23 हजार से अधिक परिवारों का न्याय सालों से अटका पड़ा है। हलफनामा (एफिडेविट) जमा करने के बाद भी कई मामले अभी तक लंबित हैं। एनसीआरबी, पुलिस अधीक्षक के कार्यालय, आईजी कार्यालय और बिहार भूमि पोर्टल पर इस तरह के मामले लंबित दिख रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित मामले जमीनी विवाद, म्यूटेशन दाखिल-खारिज, एफआईआर और सड़क दुर्घटना मुआवजा के लंबित हैं。
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