मथुरा, मई 7 -- बावरिया गिरोह के सदस्य बहुत ही शातिर होते हैं। यह अपना स्थान बदल-बदल कर घटनाओं को अंजाम देते है। इनमें राजेन्द्र उर्फ पप्पू बहुत ही शातिर था। पुलिस का कहना है कि वह अपना नाम और रहने का स्थान बदल-बदल कर घटनाओं को अंजाम देता था। अभी तक पुलिस इस पर 12 मुकदमों की जानकारी कर सकी है। अन्य की जानकारी कर रही है। पुलिस के अनुसार करीब 44 वर्ष पहले अपराध की दुनिया में आये शातिर बावरिया राजेन्द्र उर्फ पप्पू ने पहला अपराध 1982 में मवाना, मेरठ में हत्या के साथ डकैती की घटना को अंजाम देकर किया था। तब संभवत: इसकी उम्र करीब 18 वर्ष होगी। वह राजेन्द्र नाम से मवाना में डेरा डाल कर रहता था। बाद में इसने मोहल्ला मुन्नालाल, मवाना में अपना मकान बनाया था। डकैती के मुकदमे में प्रकाश में आने के बाद राजेन्द्र को पुलिस ने कई साथियों के साथ जेल भिजवाया...