प्रयागराज, अगस्त 24 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आठ वर्षीय बच्ची अविका द्विवेदी की स्थायी कस्टडी उसके पिता सौरभ द्विवेदी को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बच्ची की इच्छा महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी कम उम्र को देखते हुए केवल उसकी इच्छा के आधार पर कस्टडी का फैसला नहीं किया जा सकता। बच्ची के सर्वोत्तम हित और भविष्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। न्यायमूर्ति संदीप जैन ने सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश की गई बच्ची से बातचीत की। बच्ची ने बताया कि वह करीब आठ वर्ष की है और एटा के डून पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ती है। वह बचपन से अपने नाना-नानी और मामा के साथ रह रही है। बच्ची ने पिता को पहचानने और उनसे मिलने की बात स्वीकार की, लेकिन पिता के साथ उसका भावनात्मक जुड़ाव मजबूत नहीं पाया गया। उसने पिता के साथ रहने से इनकार करते हुए नाना-नानी क...