मेरठ, मार्च 15 -- सिख धर्म के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मान्यता प्राप्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नानकशाही कैलेंडर के अनुसार सिख समुदाय ने नानकशाही नववर्ष 558 हर्षोल्लास के साथ गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में मनाया गया । मुख्य ग्रंथी ज्ञानी चरनप्रीत सिंह ने सोदर रहिरास साहिब के पाठ और सरबत के भले की अरदास से की। बाल कीर्तनी जत्थे, अखंड कीर्तनी जत्थे और हजूरी रागी भाई प्रीतम सिंह ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। स्वर्ण मंदिर से आये हजूरी कीर्तनीये गुरविन्द्र सिंह ने गुरबाणी के शब्दों का गायन किया । सरदार रणजीत सिंह जस्सल ने कहा कि सिख धर्म की संस्कृति और परंपरा सेवा सिमरन, शक्ति भक्ति की मिसाल है, जिस पर हर सिख को गर्व होना चाहिए। सरदार हरप्रीत सिंह, जसबीर सिंह खालसा, रणजीत सिंह नंदा, सुरिन्द्र सिंह, गुरमुख सिंह, ...
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