देहरादून, अप्रैल 1 -- विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर दून विश्वविद्यालय और दून घाटी रंगमंच देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय नाट्य समारोह के अंतिम दिन प्रसिद्ध नाटक सावित्री बाई फुले का सफल मंचन किया गया। जिसका सफल निर्देशन डॉ अजीत पंवार ने किया। यह नाटक भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के संघर्षमय जीवन, उनके अदम्य साहस व अटूट संकल्प की प्रेरणादायी गाथा को मंच पर साकार करता है। विपरीत परिस्थितियों के बीच भी अपने स्वप्नों को साकार करने की उनकी जिजीविषा इस प्रस्तुति का मूल भाव है। इस प्रभावशाली प्रस्तुति को दर्शकों ने बेहद सराहा। नाटक के भावनात्मक क्षणों ने सभी को कथा में डूबो दिया। विशेष रूप से सावित्रीबाई फुले और ज्योतिराव फुले के बीच प्रस्तुत पत्रों ने दर्शकों के हृदय को गहराई से स्पर्श किया और उन्हें भावुक क...