सहारनपुर, मार्च 30 -- सहारनपुर। मानसी अभिनय गुरुकुल द्वारा आयोजित उत्सव ए रंगमंच के तीसरे दिन रंगकर्मियों ने प्रभावशाली नाटक ड्रामाटर्गी आर्ट्स एंड कल्चरल सोसाइटी, दिल्ली द्वारा चिट्ठी और संदेश सांस्कृतिक मंच फिरोजाबाद के नाटक संबोधन का मंचन कर दर्शकों को झकझोर दिया। संबोधन नाटक की शुरुआत पार्क के दृश्य से होती है। बेटी श्रद्धा मां का बहाना बनाकर पिता (राजेश्वर मेहरा) को बुलाती है। पिता उसे पहचान नहीं पाते कि वह उनकी अपनी बेटी है। बेटी माता-पिता के अलगाव का कारण जानना चाहती है। फ्लैशबैक में सामने आता है महत्वाकांक्षी पत्नी अभिनय क्षेत्र में पहचान बनाना चाहती थी, जबकि समाजसेवी पति अपने कर्तव्यों में व्यस्त रहता है। उपेक्षा की भावना के चलते पत्नी अलग हो जाती है। अंत में बेटी का पापा कहकर पुकारना दर्शकों की आंखें नम कर देता है। पिता की भूमिक...