नई दिल्ली, अगस्त 17 -- नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। भगवान शिव के गले में विराजमान नाग से लेकर भगवान विष्णु की शय्या बने शेषनाग तक, सनातन परंपरा में नागों का संबंध कई देवी-देवताओं और पौराणिक प्रसंगों से जुड़ा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शेषनाग, वासुकि, तक्षक और कर्कोटक जैसे नागों की उत्पत्ति कैसे हुई? नागों के जन्म से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा महाभारत के आदिपर्व में मिलती है। इस कथा की शुरुआत महर्षि कश्यप की दो पत्नियों कद्रू और विनता से होती है। दोनों बहनें थीं, लेकिन उनकी संतान को लेकर मांगी गई इच्छा बिल्कुल अलग थी।कद्रू ने मांगे एक हजार नाग पुत्र पौराणिक कथा के अनुसार कश्यप ऋषि ने प्रसन्न होकर कद्रू और विनता से वरदान मांगने को कहा। कद्रू ने एक हजार ऐसे पुत्रों की इच्छा जताई, जो तेज और पराक्रम में समान हों। दूसरी ओर ...