अंबेडकर नगर, मई 21 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। बढ़ती महंगाई व उचित दाम न मिलने से जिले में किसानों का मेंथा की खेती से मोहभंग होने लगा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते वर्षो में जहां लगभग 150 हेक्टेयर में खेती हुआ करती थी तो वहीं मौजूदा समय में मात्र 20 हेक्टेयर में यह सीमित होकर रह गई है। नगदी खेती के रूप में पहचान बनाने वाली मेंथा की खेती जिले में धीरे धीरे कम होने लगी है। लगभग एक दशक पहले किसानों का रूझान मेंथा खेती की तरफ तेजी से बढ़ा था। मात्र तीन माह में फसल तैयार होने व अच्छी रकम देने केचलते तेजी से किसानों ने मेंथा की खेती करनी शुरू कर दी थी। गेहंू की कटाई व धान की रोपाई के बीच लोग खेतों में मेंथा की फसल तैयार करते थे। शुरू के दिनों में किसान को मेंथा की खेती करने से व्यापक आर्थिक लाभ हो रहा था। किसानों की आर्थिक स्थिति में...