अयोध्या, जनवरी 7 -- तारुन,संवाददाता। तारुन ब्लॉक की ग्राम पंचायत गरौली में कराये गये विकास कार्यों के सत्यापन के लिये लेखा परीक्षक कोई अभिलेख ही नहीं मिले। इसका खुलासा जनसूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी गई सूचना से हुआ है। गरौली निवासी सुधीर तिवारी ने ग्राम पंचायत में कराये गये विकास कार्यो की जनसूचना मांगी थी। उन्हें उपलब्ध कराई गई सूचना के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2021-2022 में मनरेगा में ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी कार्य का प्रस्ताव ग्राम सभा की खुली बैठक में पारित होने के कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नही हैं। सवाल यह उठ रहा कि बिना की खुली बैठक के कार्य का प्रस्ताव कैसे पास हुआ और लाखों का मनरेगा में कार्य कैसे किया गया। मनरेगा की गाइड लाइन के अनुसार कराये गए कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति से सम्बंधित अभिलेख भी लेखा परीक्षक को नहीं मिले ह...