गया, अक्टूबर 2 -- संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि को लेकर महिलाओं ने शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ जिउतिया (जीवित पुत्रिका व्रत) शुरू किया। सुबह नदी-तालाब, पोखर आदि में स्नान किया। इसके बाद मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना की। विभिन्न घाटों पर फल्गु में महिलाओं ने स्नान किया। घाट पर ही इस व्रत के विधान के अनुसार पूजा-अर्चना की। सूर्यकुंड में महिलाओं ने स्नान कर आराधना की। यह भी पढ़ें- अगर आप भी रखने वाली हैं जितिया व्रत, तो जान लें ये जरूरी नियमपूजा और उपवासन की प्रक्रिया शनिवार को दिन भर उपवास रखकर शाम में व्रती श्रद्धा के साथ पारंपरिक तरीके से राजा जीमूत वाहन की पूजा कर संतान की सुख-समृद्धि के साथ लंबी आयु की कामना करेंगी। इसके बाद कथा सुनेगी। रविवार की सुबह पारण के साथ व्रत संपन्न होगा। आज व्रत सर्वोत्तम, कल 7.30 बजे के बाद करें पारण : आचार...