धनबाद, मार्च 23 -- नहाय खाय के साथ चैती छठ की शुरुआत हो गई। छठ के पारंपरिक गीतों के गली-मोहल्ले गुंजायमान हो रहे हैं। नेम निष्ठा का यह पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है। एक बार कार्तिक माह में तो दूसरी बार चैत्र माह में। इस माह मनाए जाने वाले छठ की महत्ता कहीं अधिक है। यह सबसे कठिन व्रत में एक है। चैत्र नवरात्र के मध्य में ही यह छठ पूजा मनाया जाता है। रविवार को विधि पूर्वक नहाय खाय की परंपरा के साथ इसकी शुरुआत की गई। जिन लोगों ने चैती छठ पूजा का संकल्प लिया है, उनके घर में साफ-सफाई के उपरांत रविवार को सात्विकता का प्रतीक कद्दू-भात बना। व्रती के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी कद्दू-भात ग्रहण किया। आज मनाया जाएगा खरनासोमवार को खरना होगा। जहां व्रती अपने-अपने क्षेत्र अपनी परंपरा के अनुसार कहीं चावल तो कहीं चावल और दूध से बने खीर का प्रसाद आम की ल...