गुमला, अप्रैल 21 -- भरनो प्रतिनिधि प्रखंड क्षेत्र में लगातार दूसरे वर्ष भी नहर में पानी नहीं पहुंचने से गरमा धान की खेती पूरी तरह ठप हो गई है। पारस जलाशय से निकली नहर की जर्जर हालत और अधूरी मरम्मत ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कभी इस नहर से लगभग 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में गरमा धान की खेती होती थी, लेकिन इस वर्ष भी खेत सूखे पड़े हैं। स्थानीय किसानों के अनुसार नहर की खराब स्थिति को लेकर कई बार विभाग को सूचना दी गई। यहां तक कि किसानों ने अपने स्तर से मरम्मत कराने की कोशिश भी की,लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। यह भी पढ़ें- घाघरा में हर घर नल जल योजना फेल, पेयजल संकट से लोग बेहाल तीन महीने पहले लघु सिंचाई विभाग द्वारा मरम्मत कार्य शुरू किया गया,जो अब कछुआ गति से चलने के बाद पूरी तरह ठप पड़ा है। पड़हा अध्यक्ष सह किसान मुकेश उरांव ...