फतेहपुर, दिसम्बर 15 -- फतेहपुर/बकेवर। टेल तक के किसानों को सिंचाई के लिए पानी पहुंचाए जाने के लिए सिंचाई खंड व निचली गंगा नहर प्रखंड द्वारा करीब चार करोड़ की लागत से सिल्ट सफाई का काम करवाया गया था। लेकिन नहर में पहला पानी आते ही सिल्ट सफाई की हकीकत सामने आने लगी है। पानी आते ही बकेवर क्षेत्र के जोगापुर माइनर की खांदी कटने के किसानों की सैकड़ो बीघे फसल जलमग्न हो गई। जिससे सिल्ट सफाई में की जाने वाली खानापूरी की पोल भी खुल गई। नहर का पानी बंद कर किसानों को लाभांवित कराए जाने के लिए हर साल की तरह इस बार भी रजबहों व माइनरों की सिल्ट सफाई का काम भारी भरकम लागत से कराया गया। बताते हैं कि सिल्ट सफाई के दौरान सम्बंधित ठेकेदारों द्वारा काम में की जाने वाली मनमानी के चलते इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों को पानी की आवश्यकता को देखत...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.