औरंगाबाद, मार्च 12 -- जिले में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। जिला वन पदाधिकारी ने वन एवं पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर नहर किनारे खाली पड़ी भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराने का प्रस्ताव रखा है। पत्र में बताया गया है कि विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर वन विभाग के कर्मी संतोष कुमार ने बटरे नहर का निरीक्षण किया था, जिसके बाद इस क्षेत्र में पौधारोपण की संभावना पर विचार किया गया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि दक्षिण बिहार में पौधारोपण के लिए वर्षाकाल यानी जून-जुलाई का समय सबसे उपयुक्त होता है, इसलिए अभी से इसकी योजना और तैयारी शुरू करना जरूरी है। प्रस्ताव के अनुसार नहर के किनारे खाली पड़ी जमीन पर पौधारोपण किए जाने से लगभग 15 से 20 किलोमीटर तक नया वन आवरण वि...