कटिहार, अगस्त 13 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में हर साल हरियाली बढ़ाने के नाम पर लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं। नहरों के किनारे, नदी तटबंधों पर और सरकारी जमीनों पर पौधरोपण के लक्ष्य तय होते हैं, करोड़ों रुपये खर्च होते हैं और अभियान पूरे होने के बाद उपलब्धियों की रिपोर्ट भी तैयार हो जाती है। लेकिन जब सवाल उठता है कि इन पौधों में आखिर कितने आज पेड़ बनकर खड़े हैं, तो किसी विभाग के पास इसका समेकित और सार्वजनिक जवाब नहीं है। यही वजह है कि कटिहार में अब पौधरोपण की सफलता नहीं, बल्कि उसकी उत्तरजीविता सबसे बड़ा सवाल बन गई है। जिले में नहरों और तटबंधों पर पौधरोपण का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं है। इन पौधों से मिट्टी को मजबूती मिलने, कटाव कम होने, पर्यावरण संतुलित रहने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित पट्टी विकसित करने की परिकल्पना की गई थी।...