गंगापार, जून 26 -- पिछले एक महीने से उपरौध राजबहा के सौ किमी पहाड़ी गांवों के नहरों में पानी न आने से किसानों द्वारा लगाये गये धान की खेती पर उपरौध क्षेत्र में ग्रहण लगा हुआ है। मांडा उपरौध क्षेत्र के तमाम गांवों में रबी के बाद खरीफ की फसल भी सिंचाई के अभाव में तबाह होने के कगार पर है। 22 मई के बाद से नहरों में पानी न आने से धूल उड़ रही है। प्रयागराज के दक्षिणी पहाड़ी भूभाग में बसे मांडा विकास खंड के उपरौध क्षेत्र कहे जाने वाले दो न्याय पंचायतों हाटा और मझिगवां के डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतों में सिंचाई का मुख्य साधन उपरौध राजबहा की नहरें हैं। 1984 तत्कालीन केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री स्वर्गीय विश्वनाथ प्रताप सिंह के प्रयास से मांडा उपरौध क्षेत्र के लिए उपरौध राजबहा का निर्माण कराया गया। इस राजबहा में दसवार माइनर, हाटा माइनर, मझिगवां माइनर, धौं...