फतेहपुर, मई 20 -- फतेहपुर। भीषण गर्मी में जिले की नहरें खुद पानी के लिए तरस रही हैं। रामगंगा और निचली गंगा नहर में मांग के मुकाबले आधा पानी मिलने से सैकड़ों माइनर और तालाब सूखे पड़े हैं, जिससे किसान और बेजुबान पशु-पक्षी बूंद-बूंद पानी को मोहताज हैं। वहीं, संकट के इस दौर में किसानों का सहारा बनने वाली जरौली पंप कैनाल भी मोटर फुंकने की वजह से पिछले पांच दिनों से ठप पड़ी है। भीषण गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों के पीने के पानी के लिए सिंचाई विभाग द्वारा नहरों का संचालन कराया जाता है ताकि तालाबों और पोखरों को भरा जा सके। लेकिन, पानी न आने के कारण न केवल पशु-पक्षियों की प्यास नहीं बुझ पा रही है बल्कि जायद की फसल के लिए किसानों को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इससे पीने के पानी की तलाश में पशु-पक्षियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है。

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