बलरामपुर, मई 19 -- नसबंदी न होने से लगातार जिले में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। जबकि सरकार कुत्तों की नसबंदी के लिए 999 रुपये देती है। जिले में यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले के पांच नगर निकायों में आज तक एक भी कुत्ते की नसबंदी नहीं करायी जा सकी है। वजह नसबंदी के लिए नगर निकायों के पास चिकित्सक नहीं हैं। वहीं पशु चिकित्सालय में कुत्तों व अन्य पालतू पशुओं के इलाज के नाम पर सिर्फ परामर्श दिया जाता है। कुत्तों की नसबंदी न होने से इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पतालों में कुत्तों का आतंक इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यहां से निकलने वाले प्लेसेंटा को कुत्ते अधिक पसंद करते हैं। यह भी पढ़ें- अस्पताल से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों का है आतंक इसे खाकर कुत्ते और भी अधिक खुंखार हो रहे हैं। आवारा कुत्तों से अस्पताल ...