जमशेदपुर, जून 22 -- नशे के कारोबार ने अपना पारंपरिक चेहरा बदल लिया है। गली-मोहल्लों और सुनसान स्थानों पर होने वाला अवैध कारोबार अब इंटरनेट की अंधेरी दुनिया यानी डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए संचालित होने लगा है। जांच एजेंसियों और सुरक्षा तंत्र के सामने यह नई चुनौती बनकर उभरी है। कोल्हान क्षेत्र के कई संदिग्ध ठिकानों को चिह्नित कर उनकी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजी गई है। सूत्रों के अनुसार, नशा तस्कर अब पेमेंट के लिए बिटक्वाइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनकी पहचान छिपी रहती है और धन के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि सिंथेटिक ड्रग्स, विशेष रूप से मेथामफेटामाइन, एमडीएमए और केटामाइन जैसे नशीले पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क धीरे-धीरे छोटे शहरों तक पहुंच रहा है। डार्कनेट ...