औरैया, मार्च 3 -- फफूंद, संवाददाता। ग्राम कुड़िया अमेला की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नशे की लत किस तरह परिवारों को तबाह कर रही है। जिस घर में होली के रंग और हंसी-खुशी होनी चाहिए थी, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा है। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी गुड्डू अक्सर शराब के नशे में रहता था। गांव में उसकी आदतों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही, लेकिन परिवार ने सामाजिक बदनामी के डर से कभी खुलकर शिकायत नहीं की। सोमवार रात जब वह नशे में घर पहुंचा तो मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। बड़े भाई ने केवल गाली-गलौज का विरोध किया था, लेकिन बात इतनी बढ़ गई कि मारपीट जानलेवा साबित हुई। मृतक लालू गैरजनपद में रहकर मजदूरी करता था और त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताने घर आया था। पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ वह भविष्य की योजनाएं बना रहा था, लेकिन ...
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